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गुरुवार, 11 जून 2020

केरल का त्रावणकोर बोर्ड मंदिरों का 1200 किलो सोना बैंक में रखेगा, 28 मंदिरों में ऑनलाइन सेवा पूजा भी होगी

केरल के 1248 मंदिरों का प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड अपनी आय बढ़ाने के लिए मंदिरों के लगभग 1200 किलो सोने को आरबीआई के पास रखने की तैयारी कर रहा है। इससे बोर्ड को हर साल करीब 13.5 करोड़ की आय होगी। ये सोना फिलहाल मंदिरों में आभूषण और बर्तनों के रूप में है।

बोर्ड इन्हें गलाकर ठोस सोने में बदलेगा। अनुमान है कि ये सोना 1200 किलो से भी ज्यादा का हो सकता है,जिसकी कीमत करीब 540 करोड़ रुपए है। त्रावणकोर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में पद्मनाभम् स्वामी, सबरीमाला और गुरुवायुर जैसे बड़े मंदिर आते हैं।

दान में मिले सोने केगहनों और बर्तनों को गलाया जाएगा

केरल के इन मंदिरों के पास काफी पुराने और ऐतिहासिक आभूषण भी हैं, बोर्ड इन प्राचीन महत्व के आभूषणों को वैसे ही रहने देगा। इनकी कीमत भी करोड़ों में हैऔर, ये प्राचीन गहने उत्सवों में उपयोग में आने वाले हैं। इस योजना में केवल उन गहनों और बर्तनों का उपयोग होगा, जो पिछले कुछ सालों में मंदिरों को दान में मिले हैं। इसके साथ ही बोर्ड 28 प्रमुख मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन और सेवा की व्यवस्था भी कर रहा है, इससे भी मंदिरों की आय में इजाफा होगा।

सैंकड़ों टन तांबे के बर्तनों की नालामी होगी

इससे पहले त्रावणकोर बोर्ड ने अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए मंदिर में रखे सैंकड़ों टन तांबे के दीपक और बर्तनों की नीलामी का फैसला किया था, हालांकि इस पर बाद में विवाद उठा और लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इस फैसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इस मामले में केरल हाईकोर्ट ने भी बोर्ड से जवाब मांगा है। लोगों ने अपील की थी कि बोर्ड मंदिर की संपत्तियों की इस तरह नीलामी नहीं कर सकता।

कोरोना के कारण मंदिरों में दान कम आया

कोरोनावायरस और लॉकडाउन के चलते ज्यादातर मंदिरों में दान की कमी हो गई है। ऐसे में मंदिरों को अपने रोजमर्रा के खर्च पुजारियों की सैलेरी का खर्च निकालने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अब स्थितियां सुधार की ओर हैं।

कई जगह मंदिर खुलने से चीजें सामान्य होने की दिशा में है। लेकिन, मंदिरों में पहले जैसा दान और आय होने में अभी काफी समय लग सकता है। अकेले सबरीमाला मंदिर को लॉकडाइन के दौरान 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

लॉकडाउन मेंपद्मनाभम् मंदिर में 7.5 लाख रु. दान आया

पद्मनाभम् मंदिर में 3 से 5 करोड़ रुपए मासिक दान आता था, जो लॉकडाइन में मात्र 7.5 लाख रुपए पर आ गया। इसी तरह गुरुवायुर मंदिर में भी मासिक 5 करोड़ के मुकाबले 5-7 लाख की ही आय हुई है। त्रावणकोर बोर्ड में करीब 6500 कर्मचारी हैं, जिनमें मंदिरों में नियुक्त पुजारी भी शामिल हैं। बोर्ड को मंदिरों के रखरखाव के साथ स्टॉफ मैनेजमेंट के लिए भी हर माह बड़ी धनराशि की जरूरत होती है।

बोर्ड की मीटिंग में होगा फैसला

बोर्ड के अध्यक्ष एन. वासु ने मीडिया को बताया कि मंदिरों में रखे सोने की मात्रा का हिसाब लगाया जा रहा है। ये 1200 किलो से ज्यादा ही है। इससे 2.5 प्रतिशत रिटर्न के हिसाब से बोर्ड को 13 करोड़ रुपए सालाना से ज्यादा पैसा मिल सकता है। जल्दी ही बोर्ड की मीटिंग में इस प्रस्ताव को रखकर फैसला लिया जाएगा। इस महीने के अंत तक सोने का पूरा वैल्यूएशन निकाल लिया जाएगा।

गुरुवायुर मंदिर का 700 किलो सोना बैंक में

एक रिपोर्ट के मुताबिक त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अंतर्गत आने वाले गुरुवायुर मंदिर का करीब 700 किलो सोना 2019 में बैंक में रखा गया है। इसके अलावा भी मंदिर के करीब 1500 करोड़ रुपए बैंक में जमा है। इससे 10 करोड़ रुपए मासिक आय मंदिर को होती है, जिससे मंदिर की सारी व्यवस्थाएं संचालित होती हैं।

28 प्रमुख मंदिरों में ऑनलाइन पूजा और दर्शन

केरल के 28 प्रमुख मंदिरों में ऑनलाइन और पूजा शुरू करने की तैयारी है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने सबरीमाला मंदिर से इसकी प्रायोगिक शुरुआत की थी। जिसमें मंदिर को तीन लाख रुपए की आय हुई थी। फिलहाल, लोग मंदिर नहीं आ पाएंगे और मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग के कारण बड़े उत्सव आदि भी आयोजित नहीं हो सकते हैं।

इसे देखते हुए बोर्ड ने अपने 28 बड़े मंदिरों में वर्चुअल पूजा और सेवाएं शुरू करने का फैसला लिया है। इससे मंदिर नहीं आ पाने वाले भक्त ऑनलाइन दर्शन और सेवाएं कर पाएंगे। मंदिरों की आय भी बढ़ेगी।



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पद्मनाभ मंदिर में 3 से 5 करोड़ रुपए मासिक दान आता था, जो लॉकडाइन में मात्र 7.5 लाख रुपए पर आ गया।


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