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मंगलवार, 14 जुलाई 2020

ना सिंधिया को रोका था, ना पायलट को मना पाए; कुनबा बिखरता रहा, राहुल-प्रियंका इधर-उधर के ट्वीट करते रहे


मंगलवार, 14 जुलाई 2020 को लगभग वही कहानी दोहराई गई जो मंगलवार 10 मार्च 2020 को पहली बार सामने आई थी। कांग्रेस लीडरशिप ने14 जुलाई को राजस्थान के युवा नेता सचिन पायलट की उड़ान पर रोक लगा दी, जबकि 10 मार्च को कद्दावर ज्योतिरादित्य कांग्रेस के कारवां से अलग हो गए थे।

मंगलवार का दिन तो महज एक संयोगहै, लेकिनकांग्रेस का मंगल करने वालेयुवा नेता कुनबा छोड़ कर जा रहे हैं और जिस युवा लीडरशिप पर पार्टी का सबकुछ दांव पर लगा है, वह इधर-उधर की बातें करके खुद को उलझाए हुए है।

जी, बात राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी की हो रही है, जिनकी जोड़ी की कसमें खाई जाती हैं और कहा जाता है कि उनके 'करिश्माई नेतृत्व' में ही कांग्रेस का वजूद है। बहरहाल, 11 से 14 जुलाई तक गरमागरम रहेराजस्थान की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है और ये मोड़ कांग्रेस को फिर सेबड़ा झटका देने वाला है।

इस झटके का असर तो आने वाले दिनों में पता चलेगा, उससे पहले ठीक 19 महीने पहले कीदो तस्वीरें देखते हैं जिनके केंद्र में स्वयं राहुल गांधी हैं और दो राज्यों में दो बेमेल जोड़ियों को एक साथ लाने का श्रेय भी उन्हीं केखाते में गया था।

पहली तस्वीर की गवाही :13 दिसंबर 2018 को इस तस्वीर के जरिए राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में नया फार्मूला देकर नई जोड़ी बनाई थी। दुनिया के लिएमहान दार्शनिक लियो टॉलस्टॉय के संदेश को दोहराते हुए कहा था - धीरज और समय दो सबसे ताकतवर योद्धा होते हैं।

पहली तस्वीर का अंजाम:धीरज और समय दोनों हाथ से छूट गए और ये जोड़ी इसी मार्च में टूट गई। होली में दिल तो नहीं मिले,जोड़ी जरूर टूट गई और साथ मेंके साथ मध्य प्रदेश भी कांग्रेस के हाथ से छूट गया। राहुल गांधी इस वक्त भी कुछ नहीं बोले थे। वे और प्रियंका दोनों लोगों को होली की बधाई देने में जरूर आगे थे, लेकिन बेहद करीबी युवा साथी सिंधिया को रोकने की पहल किसी ने नहीं की।

यहां भास्कर आर्काइव से ये भीपढ़ें:सियासी रंग /जब सिंधिया पार्टी छोड़कर जा रहे थे, तो राहुल-प्रियंका होली मुबारक में मशगूल थे; यंग ब्रिगेड में से भी किसी ने नहीं रोका

दूसरी तस्वीर की गवाही:कमलनाथ और सिंधिया के साथवाली अपनी पुरानी तस्वीर के ठीक दूसरे दिन राहुल ने उसी अंदाज में गहलोत और पायलट के साथ वाली तस्वीर ट्विटर पर शेयर की। अंदाज वही था। केंद्र में राहुल ही थे, और दाएं-बाएं राजस्थान की नई जोड़ी। नया फार्मूले के तहत दो विपरीत ध्रुव पास लाए गए, और संदेश दिया गया - राजस्थान की एकता के रंग -The united colours of Rajasthan!

दूसरी तस्वीर का अंजाम:अंजाम तो काफी दिनों से स्पष्ट दिख रहा था, और उम्मीद की जा रही थी कि राहुल-प्रियंका या फिर सोनिया इस रेतीले बवंडर को काबू कर लेंगे। मगर, ऐसा न हो पाया। इस तस्वीर की एकता के रंग 2020 की मानसून में बह गए। यहां भी युवा लीडरशिप ने कोई अग्रेसिव स्टैंड नहीं लिया और पायलट से मिलने तक का स्पेस न देते हुए उनके लिए 'आत्मनिर्भर' होने का विकल्प छोड़ दिया।

अब पढ़ते हैं बीते 4 दिनों की ट्वीट्स की गवाही जो बताती है कि कांग्रेस की युवा लीडरशिप के पास कोराना, चीन से विवाद, धारावी मॉडल, लोदी रोड का बंगला और श्रद्धांजलि देने का समय तो था, लेकिन अपने युवा साथियों के जाने को लेकर वे कहीं भी, किसी भी तरह से गंभीर नहीं लगे।

राहुल के ट्विटर हैंडल@RahulGandhi का स्क्रीन शॉट, उनके 15.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

11 से 14 जुलाई के बीच राहुल के 9 ट्वीट : एक भी ट्वीट में राजस्थान या गहलोत-पायलट के बारे में कुछ नहीं कहा

तारीख राहुल के 9 ट्वीट और उनका विषय
14 जुलाई सिर्फ एक ट्वीट, कोरोना पर WHO की चेतावनी का
13 जुलाई कुल 3 ट्वीट, कोरोना के ग्राफ और मोदी पर चीन के बहाने तंज
12 जुलाई सिर्फ एक ट्वीट, द वायर की खबर को लेकर मोदी पर सवाल
11 जुलाई कुल 3 ट्वीट, धारावी मॉडल, मोदी पर तंज और रीवा सोलर प्लांट

14 जुलाई :राजस्थान में सचिन पायलट को पार्टी से निकालने की तैयारी चल रही थी और राहुल गांधी BBC की स्टोरी को रीट्वीट करके देश में कोरोना के दस लाख केसों का अनुमान लगा रहे थे। पूरे दिन में उनका यही एकमात्र ट्वीट है।

13 जुलाई :न जाने किस खबर को लेकर राहुल बिफरे लगे और दो ट्वीट करकेमीडिया पर तोहमत लगाई कि वो फासिस्ट ताकतों के हाथों में है और वे उसकी पोल खोलेंगे। राहुल ने कहा वे कल से यानि 14 जुलाई से रोज एक वीडियो पोस्ट करके अपनी बात रखेंगे। बहरहाल, शायद वे अपना लिखा भूल गए। 14 जुलाई को उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।

13 जुलाई :द हिंदू की रिपोर्ट के हवाले से He शब्द के बहाने मोदी को घेरा और अस्पष्ट शब्दों में अपनी बात कही। इतने बड़े लीडर की ओर से ऐसे ट्वीट पर कोई खास रीडर रिस्पांस भी नहीं आया।

13 जुलाई :दुनिया में कोरोना के ग्राफ की तस्वीर पोस्ट कर हमारे देश की स्थिति पर तंज कसते हुए पूछाकि, क्या हम कोरोना से लड़ाई में अच्छी स्थिति में हैं?

12 जुलाई :द वायर न्यूज पोर्टल में करण थापर के शो की खबर को रीट्वीट करके पीएम मोदी पर निशाना साधा और पूछा कि चीन ने हमारी जमीन कैसे छीन ली?

11जुलाई :इस दिन राहुल ने 3 ट़्वीट किए और सबसे पहले महाराष्ट्र में कोरोना रोकने केधारावी मॉडल को लेकरअपनी सरकार की पीठ थपथपाई, जनता को भी शाबाशी दी। हालांकि, वे भूल गए कि महाराष्ट्र में कोरोना बेकाबू है।

11 जुलाई :NDTVकी एक खबर को रीट्वीट करके राहुल ने पीएमकेयर्स फंड के चीनी कनेक्शन पर सवाल उठाया। उन्होंने चीनी मोबाइल कंपनियों के नाम भी लिखे और पूछा कि, इस मामले में क्या छुपाया जा रहा है?

11 जुलाई : PMOकी ओर मप्र के रीवा में शुरू किए गए सोलर पावर प्रोजेक्ट केट्वीट को रीट़्वीट करके राहुल ने सिर्फ एक शब्द में तंज कसा -असत्याग्रही! न वे अपनी बात स्पष्ट कर पाए और न ही क्या असत्य है ये बता पाए।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका के ट्विटर हैंडल@priyankagandhi का स्क्रीन शॉट, उनके 2.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं

11 से 14 जुलाई के बीच प्रियंका वाड्रा गांधीके 6 ट्वीट:

14 जुलाई:सचिन पायलट जिस वक्त अपने दोनों पदों से हटाए गए, प्रियंका नेलसन मंडेला की छोटी बेटी जिंडसी के साथ अपनी दोस्ती को याद करके उन्हें श्रद्धांजलि दे रहीं थीं।

14 जुलाई:प्रियंका अपने लोदी इस्टेट वाले घर को खाली करने को लेकर तंज भरे शब्दों में शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को शुक्रिया कह रही थीं। साथ में, सफाई दे रही थी कि मैंने बंगले को लेकर कोई निवेदन नहीं किया और न ही मैं करूंगी। जैसा, मैंने कहा है, मैं 1 अगस्त को यह बंगला खाली कर दूंगी।

14 जुलाई:मंगलवार के चौथे ट्वीट में प्रियंका ने यूपी में कोरोना की स्थिति पर चिंता जताई और बढ़ रहे मामलों को लेकर किए गए छोटे से लॉकडाउन को बेबी लॉकडाउन कहा, साथ ही उसके पीछे कोई साजिश की ओर इशारा किया।

14 जुलाई: जब राजस्थान में बुरी तरह से लीडरशिप में लड़ाईयां छिड़ी हुईं थीं, प्रियंका अपने लोदी इस्टेट वाले बंगले को लेकर सोशल मीडिया में चल रही खबरों को फेक न्यूज बताने में लगी थीं।

13 जुलाई: प्रियंका नेदिनभर में दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में-यूपी में कोरोना के मामले में तीन दिनों के आंकड़े रखते हुए योगी पर एक शेर के साथतंज कसा -‘मर्ज़ बढ़ता गया,ज्यों ज्यों दवा की

13 जुलाई: सोमवार के दूसरे ट्वीट मेंप्रियंका ने राहुल के ट्वीट को रीट्वीट करके भारत में कोरोना की स्थिति पर तंज कसा

11 और 12 जुलाई:प्रियंका ने किसी भी मामले पर कोई ट्वीट नहीं किया। दोनों दिन उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल चुपचाप रहा।



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ये दो फाइल फोटो कांग्रेस के युवा नेताओं के अंजाम की कहानी कह रही हैं। पहली तस्वीर - 14 दिसंबर 2018 की है जिसमें राहुल राजस्थान के दिग्गज नेता गहलोत और युवा जाट नेता सचिन पायलट के साथ है। दूसरी नीचे वाली तस्वीर: 13 दिसंबर 2018 की है जिसमें राहुल मप्र के वरिष्ठ नेता कमलनाथ और युवा नेता सिंधिया के साथ नजर आए थे।

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